बाबा बागेश्वर ने जलती चिताओं के सामने बैठकर किया अनुष्ठान
वाराणसी – बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री दो दिवसीय प्रवास पर काशी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम की छत पर जलती चिताओं के सामने विशेष अनुष्ठान किया। शास्त्री ने बताया कि उनके दादा गुरु ने यहीं देह त्याग किया था, इसलिए वे प्रतिवर्ष एक रात यहां बिताकर पूजन-पाठ करते हैं।काशी प्रवास के दौरान शास्त्री ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य और पूर्व रेसलर वीर महान सहित कई अनुयायियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज के प्रति उनके मन में कोई वैमनस्यता नहीं है और वे शीघ्र ही उनसे मिलने जाएंगे।
काशी प्रवास के दौरान शास्त्री ने सांसद मनोज तिवारी के आवास पर भी समय बिताया और आश्रम में वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य व पूर्व रेसलर वीर महान सहित कई शिष्यों से मुलाकात की।आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की प्रार्थना की। उन्होंने 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक होने वाली पदयात्रा की जानकारी साझा की और काशीवासियों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया। उनके अनुसार, ऐसी यात्राओं और आयोजनों से वैचारिक क्रांति आएगी और विचारों के परिवर्तन से हिंदू राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त होगा। मीडिया से बातचीत में शास्त्री ने कहा कि वे भविष्य बताने का दावा नहीं करते, बल्कि भविष्य ठीक करने की दिशा दिखाते हैं। प्रेमानंद महाराज पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे उनसे मिलने जाएंगे और उनके प्रति कोई वैमनस्यता नहीं है।राजनीतिक सवालों पर शास्त्री ने कहा कि वे राजनीति पर टिप्पणी नहीं करते। राहुल गांधी की मां पर हुई टिप्पणी पर उन्होंने कहा, “किसी भी व्यक्ति की मां पूज्यनीय होती है और किसी की मां के खिलाफ बोलना निंदनीय है।”

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